जादुई कंगन – बच्चों के लिए प्रेरणादायक कहानी
जादुई कंगन
एक छोटी बच्ची की कहानी
जो खुद पर भरोसा करना सीख गई

मीरा का परिचय
मीरा एक प्यारी और समझदार बच्ची थी
लेकिन वह बहुत जल्दी हार मान लेती थी
थोड़ी-सी मुश्किल से डर जाती थी

उसकी सोच
जब भी कुछ कठिन होता
मीरा कहती—
“मुझसे यह नहीं होगा”

माँ की बात
माँ रोज़ समझाती थीं—
कोशिश करने से ही
इंसान आगे बढ़ता है
लेकिन मीरा का मन जल्दी टूट जाता था

गाँव का मेला
एक दिन गाँव में
रंग-बिरंगा मेला लगा
मीरा खुशी-खुशी
माँ के साथ वहाँ गई

बूढ़ी अम्मा
मेले में मीरा की नज़र
एक बूढ़ी अम्मा पर पड़ी
जो सुंदर कंगन बेच रही थीं

जादुई कंगन
एक कंगन
हल्की सुनहरी चमक दे रहा था
अम्मा बोलीं—
यह जादुई कंगन है

कंगन की सीख
अम्मा ने कहा—
इसका जादू तभी चलेगा
जब तुम खुद पर
भरोसा रखोगी

हिम्मत
कंगन पहनते ही
मीरा को अपने दिल में
थोड़ी-सी हिम्मत
महसूस हुई

मुश्किल
दौड़ के बीच
मीरा गिर पड़ी
दर्द हुआ
लेकिन वह रोई नहीं

असली जादू
तभी मीरा को समझ आया—
जादू कंगन में नहीं
उसके अंदर है
उसकी हिम्मत में है

सीख
जो खुद पर भरोसा करता है
वही आगे बढ़ता है
असली जादू हमारे अंदर होता है
जैसे मीरा ने अपनी हिम्मत और विश्वास से मुश्किलें पार कीं, वैसे ही आपके बच्चे को भी सीखने में मज़ा आए।
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